नेपाल क्रिकेट संघ, क्यान ने हाई प्रोफाइल डेव ह्वाटमोर को नेपाल का प्रशिक्षक नियुक्तकिया है । टेस्ट मान्यता प्राप्त श्रीलंका, बंगलादेश, पाकिस्तान और जिम्बाबे के प्रशिक्षक की जिम्मेवारी संभाल चुके ६६ वर्षीय ह्वाटमोर नेपाली क्रिकेट को नई ऊँचाई पर ले जाएँगें, इसी सोच को साकार बनाने के लिए क्यान ने उन्हें ७२ उम्मीदवारों में से प्रमुख प्रशिक्षक चयन किया है । अंतर्राष्ट्रीय और व्यावसायिक क्रिकेट
में अनेक सफलता दिलाने वाले ह्वाटमोर से क्यान ने एक वर्ष के लिए समझौता किया है । वे आगामी १ जनवरी से अपनी नयी जिम्मेवारी संभालेंगे । वैसे उनके पारिश्रमिक को लेकर क्यान कोई खुलासा नहीं किया है लेकिन अनुमान है कि वे क्यान के शर्त और सुविधा अनुरूप
१०–१२ हजार डॉलर मासिक पारिश्रमिक पाएंगे ।
ह्वाटमोर नेपाल आने वाले सबसे बड़े हाई प्रोफाइल प्रशिक्षक हैं । उन्हीं के मास्टर माइंड के तहत श्रीलंका ने सन् १९९६ में पहली बार एक दिवसीय विश्वकप जीता था और यद्यपि १९९९ के विश्वकप में समूह चरण से बाहर होने के बाद २००३ में विश्वकप के सेमीफाइनल तक पहुँचने में सफल हुआ था । इसके बाद २००३–७ तक बंगलादेश के प्रशिक्षक की जिम्मेवावरी निभाई थी । उनके प्रशिक्षण काल में बंगलादेश ने सन् २००५ में अपना पहला टेस्ट मैच जीता था । अगले वर्ष बंगलादेश ने एकदिवसीय क्रिकेट की शीर्ष टीम ऑस्ट्रेलिया को पराजित कर सबों को आश्र्चयचकित कर दिया था । भारत के यू–१९ टीम के प्रशिक्षक के रूप में विश्वकप की उपाधि जिताने में सफल
हुए । उस समय विराट कोहली उसटीम के कप्तान थे । उनके प्रशिक्षण में केरल सन् २०१७–१८ में रणजी ट्राफी में क्वार्टर फाइनल और २०१८–१९ में सेमी फाइनल तक पहुँचा था । ह्वाटमोर ने २०१० और २०११ में इंडियन प्रीमीयर लीग में कोलकाता नाइड राइडर्स के प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया था । भारत के बाद वे पाकिस्तान और जिम्बाबे के टीम के भी प्रशिक्षक की भूमिका निर्वाह कर चुके हैं । नेपाली टीम के प्रशिक्षक नियुक्त होने से पूर्व वे सिंगापुर क्रिकेट टीम के प्रमुख प्रशिक्षक थे । सन् १९५४ में श्रीलंका में जन्मे ह्वाटमोर ने सन् १९७९–८० तक ऑस्ट्रेलिया की ओर से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाया था । यद्यपि एक खिलाड़ी के रूप में वे खास सफल नहीं हो सके थे । लेकिन प्रशिक्षक के तौर पर काफी प्रसिद्धि पाई और चर्चित हुए । ह्वाटमोर के नियुक्त होने पर नेपाली क्रिकेट टीम कोआशा बंधी है कि वह २०२३ के विश्वकप चयन में सफल होगा और एक दिवसीय मान्यताको बरकरार रखेगा ।
