सदी के सर्वश्रेष्ठ व्यंग्य संचयन जिसमें देश और विदेश के व्यंग्यकारों की 251 रचनाओं का चयन किया गया है जिसे दो ही महीने की अवधि में तैयार करने का श्रेय जाता है व्यंग्य विधा के सर्वाधिक सक्रिय व्यंग्यकार डॉ लालित्य ललित व सुपरिचित व्यंग्यकार डॉ राजेश कुमार को। इनके नाम पहले भी कई चर्चित संचयन के कीर्तिमान हैं। इस संचयन के बारे में एक प्रेस वार्ता में इंडिया नेटबुक्स के निदेशक डॉ संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें इसका प्रकाशन करते हुए अत्यंत गौरव का अनुभव हो रहा है।

2021 के श्रेष्ठ व्यंग्यकारों के रचनाओं से सजी इस पुस्तक में नेपाल से वीणा सिन्हा की विश्व हिन्दी सचिवालय मारिसस द्वारा आयोजित व्यंग्य प्रतियोगिता 2020 के पुरस्कृत व्यंग्य रचना को भी शामिल किया गया है।

डॉ राजेश कुमार ने बताया कि इस संकलन को तैयार करने के दौरान मॉरीशस में स्थित विश्व हिंदी सचिवालय ने विश्व को पाँच हिस्सों में बाँटकर अंतरराष्ट्रीय व्यंग्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया और हमें उन विजेताओं में से सभी प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले व्यंग्यकारों तथा और भी अन्य विजेताओं की रचनाएँ प्राप्त करके इस संकलन में आपके लिए प्रस्तुत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

 

ये रचनाकार हैं- कुसुम नैपसिक (अमेरिका), मधु कुमारी चौरसिया (युनाइटेड किंगडम), वीणा सिन्हा (नेपाल), चांदनी रामधनी
‘लवना’ (मॉरीशस), राकेश शर्मा (भारत) जिन्होंने प्रथम पुरस्कार जीते और आस्था नवल (अमेरिका), धर्मपाल महेंद्र जैन (कनाडा), रोहित कुमार ‘हैप्पी’ (न्यूज़ीलैंड), रीता कौशल (ऑस्ट्रेलिया) ने अन्य पुरस्कार हासिल किए।

इनके अलावा विदेश से शामिल होने वाले व्यंग्यकार हैं- तेजेन्द्र शर्मा (युनाइटेड किंगडम), प्रीता व्यास (न्यूज़ीलैंड), स्नेहा देव (दुबई), शैलजा सक्सेना, समीर लाल ‘समीर’ और हरि कादियानी (कनाडा) एवं हरिहर झा (ऑस्ट्रेलिया)। इन व्यंग्यकारों की भागीदारी से यह संकलन सही मायनों में अंतरराष्ट्रीय संकलन बन गया है।

डॉ लालित्य ललित ने जानकारी दी कि भारत से इस संकलन में 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के व्यंग्यकारों ने शिरकत की है। इनमें से सबसे अधिक व्यंग्य के पुरोधा हरिशंकर परसाई के राज्य मध्य प्रदेश (65) से हैं। इसके बाद क्रमशः हैं- उत्तर प्रदेश (39), नई दिल्ली (32), राजस्थान (32), महाराष्ट्र (18), छत्तीसगढ़ (12), हिमाचल प्रदेश (8), बिहार (6), हरियाणा (4), चंडीगढ़ (3), झारखंड (4), उत्तराखंड (4), कर्नाटक (4), पंजाब (2), पश्चिम बंगाल (2), तेलंगाना (2), तमिलनाडु (1), गोवा (1) और जम्मू-कश्मीर (1)।

अगर हम स्त्री और पुरुष लेखकों की बात करें तो इसमें 51 व्यंग्य लेखिकाएँ शामिल हुई हैं।

इस बहु-प्रतीक्षित व्यंग्य संचयन में डॉ सूर्यबाला, हरि जोशी, हरीश नवल, सुरेश कांत, सूरज प्रकाश, प्रमोद ताम्बट, जवाहर चौधरी, अंजनी चौहान, अनुराग वाजपेयी, अरविंद तिवारी, विनोद साव,शांतिलाल जैन, श्याम सखा श्याम, रमेश सैनी, मुकेश नेमा, सुधाकर अदीब, स्नेहलता पाठक, स्वाति श्वेता, सुनीता शानू में शामिल हैं।

 

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