2 सितंबर, जनकपुरधाम। राज्य सरकार ने पिछले एक साल से संविधान दिवस नहीं मनाया है। दो साल तक तत्कालीन मधेसी जनाधिकार फोरम और राष्ट्रीय जनता पार्टी (आरजेपी) की संयुक्त सरकार थी, लेकिन पिछले साल दोनों दलों का विलय होकर जेएसपी बना।
जसपा के विभाजन के बाद इस बार सरकार में तत्कालीन राजपक्षे का कोई नेता नहीं है। और, संविधान का पालन करने वाले कांग्रेस और माओवादियों को सरकार में शामिल किया गया है। हालांकि, इस सरकार ने संविधान दिवस नहीं मनाने का फैसला किया है।मुख्यमंत्री लाल बाबू राउत का कहना है कि वह इस बार भी संविधान दिवस नहीं मनाएंगे। “यह संविधान दिवस मनाने का समय नहीं है,” उन्होंने कहा। हालांकि, अभी समय संविधान का जश्न मनाने का नहीं है।’
उन्होंने कहा कि वह संविधान दिवस नहीं मनाएंगे और बिना विरोध किए चुप रहेंगे।
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