–देखो तुम मना नहीं करते
इसका मतलब ये नहीं है कि तुम मान जाते हो ।
जब साड़ी के बदले सूट पहनने देते हो
और ये बोलते हो कि
अरे हम तो बड़े दिलवाले हैं
घूँघट नहीं निकालोगी तो चलेगा
बस मांग भर लेना
हाथों में दो दो चुडि़या पहन लेना
बड़ों की चार बात मान लोगी
तो क्या पहाड़ टूट जाएगा ।
और फिर तुम अपना प्यार
इस तरह जताते हो
घर से बाहर जाने देते हो,
नौकरी करने देते हो
नाम बनाने भी देते हो
डिनर टेबल पर बोलने भी देते हो
उसके बाद रोज दो कॉलम में
दे सकते हैं और नहीं दे सकते हैं ,
का पाठ पढ़ाते हो
इस तरह तुम देते ही चले जाते हो,
यही पर हम हार जाते हैं
यहीं पर हम हार जाते हैं
क्योंकि कौन पूछे तुमसे कि
तुम देनेवाले आखिर होते कौन हो ?

लेकिन तुम तो बड़े अवतार हो,
तुमने मुझे वो दिया
जो बड़े नसीब वाले को मिलता है
क्योंकि तुम वो अवतार हो
जो १६ सोमवार के बाद भी
नहीं मिल सकता है ।।
शायद मैंने पूर्वजन्म में कुछ अच्छे कर्म किए होंगे
जो तुम मुझे मिल गए ।
और मैं इसी भ्रम में रह जाऊँगी
कि देखो मुझे कितना देनेवाला मिला है ।
मैं भूल जाऊँगी कि यह हक
मैंने कभी किसी को दिया ही नहीं था

मेरे रेस्पेक्ट के मायने
मेरे कपड़े, रस्म और श्रृंगार से न जोड़ना
और मेरे खाना बनाने की स्कील को
मेरे संस्कारों से न मोलना
ये मेरे शौक भी हो सकते हैं ,
इनको कम्पलसरी सब्जेक्ट मत बनाना
बाकी मैं सँभाल लूँगी
तुम मत घबड़ाना ।।

हमें बस एक दूसरे का साथ चाहिए
लेकिन हाँ कहीं वह कंडीशन अप्लाई के साथ आता है
तो वह हिसाब किताब कहलाता है ।

इसलिए मुझे ऐसे किसी डोर से न बाँधना
जिसकी पकड़ तुम्हारे हाथ में हो
बल्कि ऐसे डोर से बाँधना जिसमें
हमारी उड़ान में एक दूसरे का साथ हो ,
एक दूसरे का साथ हो
एक दूसरे का साथ हो ।।

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