कोरोना वायरस जैसे जैसे दुनिया के हरेक कोने में अपना पांव पसार रहा है वैसे–वैसे उसके बारे में नयी–नयी जानकारियाँ आ रही हंै । इसका वायरस अब केवल श्वास–प्रश्वास पर ही असर नहीं डाल रहा है । वायरस शरीर के कई प्रमुख अंगों को भी हानि पहुँचा सकता है , जिसमें मस्तिष्क और केंद्रीय स्नायु प्रणाली भी शामिल है । महामारी के आरंभ स्थल चीन के वुहान में हॉस्पिटल में भर्ती हुए रोगियों में से एक तिहार्ई में स्नायु प्रणाली संबंधी लक्षण देखा गया था । उनमें बेहोश होने और सोच–विचार न कर सकने जैसे लक्षण देखे गए थे । फ्रेंच अनुसंधानकत्र्ताओं द्वारा सार्वजनिक किए गए एक रिपोर्ट के अनुसार कोविड से संक्रमित होकर आइसीयू में भर्ती हुए ८४ प्रतिशत रोगियों में स्नायु संबंधी समस्या देखी गयी थी । कोलम्बिया विश्वविद्यालय के साइक्याट्रिस्ट तथा संक्रमण रोग विशेषज्ञ डॉ.म्याडी होर्निड के अनुसार कोरोना संक्रमित व्यक्ति में स्नायु समस्या आगे तक कायम रह सकती है और उससे अशक्तता सृर्जना होने की भी संभावना है । वैसे स्नायु विशेषज्ञों का कहना है कि सभी कोविड रोगी के मस्तिष्क पर वायरस असर करेगा ,यह जरूरी नहीं है । लेकिन यह कैसे मस्तिष्क को प्रभावित करता है अभी अनुमान पर ही आधारित है । कोरोना वायरस से अप्रत्यक्ष रूप से भी स्नायु प्रणाली में क्षति पहुंच सकता है । कोरोना वायरस के साथ लड़नेवाली हमारी प्रतिरोधात्मक प्रणाली सक्रिय होने पर शरीर के हिस्से में इन्फ्लामेशन होता है, अर्थात् सुन्न होने और लाल होने की समस्या होती है । मस्तिष्क में इन्फ्लामेशन होना काफी हानिकारक होता है जिसकी वजह से दिमाग में खून जम सकता है । अध्ययन ने दिखाया है कि कोविड के रोगियों में से ३० प्रतिशत में खून जमने की समस्या होती है । इन्फ्लामेशन ज्यादा होने पर प्रतिरोधक प्रणाली ही शरीर के अन्य अंगों पर आक्रमण करने लगता है । चीन और इटली के अध्ययन में अस्पताल में भर्ती हुए पाँच प्रतिशत कोविड रोगी में स्ट्रोक देखा गया । वैसे अभी कोविड से संक्रमित रोगी की जान बचाने पर डॉक्टरों का ध्यान केंद्रित है लेकिन समय आ गया है कि इस वायरस के दीर्घकालीन प्रभाव पर भी ध्यान दिया जाए ।

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