कुछ लोगों में खाली पेट ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती है जबकि कुछ लोगों में खाने के बाद ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ती है. दोनों स्थिति खराब है. दरअसल, डायबिटीज ऐसी बीमारी है जिसमें खून में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती है. जब पैंक्रियाज में इंसुलिन कम बनता है या इंसुलिन काम नहीं करता है तब ग्लूकोज का अवशोषण नहीं हो पाता है और इस स्थिति में डायबिटीज की बीमारी होती है. चूंकि डायबिटीज की बीमारी लाइफस्टाइल से संबंधित बीमारी है और इसके लिए मुख्य रूप से हमारा खान पान और गतिहीन जीवनशैली जिम्मेदार होती है. इसलिए अगर हम इसमें सुधार कर लें तो डायबिटीज को खत्म किया जा सकता है.एक्सपर्ट ने सुझाया है कि अगर खाने से 30 मिनट पहले अगर हम बादाम का सेवन करें तो न सिर्फ ब्लड शुगर के लेवल को नीचे लाया जा सकता है बल्कि डायबिटीज का भी काम तमाम किया जा सकता है. एक्सपर्ट ने कहा है कि नाश्ता, भोजन और रात के खाने से 30 मिनट पहले अगर हम हर बार 20 ग्राम बादाम खा लें तो हर दिन 30 ग्राम यह बादाम ब्लड ग्लूकोज लेवल को न सिर्फ पहले वाली स्थिति में ले आएगा बल्कि इससे डायबिटीज का भी काम तमाम हो सकता है.
इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित
पहला ब्लड शुगर को तत्काल घटाने के लिए कौन से तत्व जिम्मेदार है और दूसरा खाना खाने से पहले बादाम का सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों पर लंबे समय तक क्या असर होगा. पहले अध्ययन का प्रकाशन यूरोपियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में हुआ है जबकि दूसरा अध्ययन क्लिनिकल न्यूट्रिशन ईएसपीईएन में प्रकाशित हुआ है. यह अध्ययन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आमतौर पर खाली पेट ब्लड शुगर का टेस्ट कराते हैं लेकिन खाने के बाद का शुगर टेस्ट पर ध्यान नहीं देते हैं जबकि अधिकांश का भोजन इस तरह का होता है जिसमें शुगर बढ़ने की पूरी संभावना होती है. इसलिए उनमें खाने के बाद शुगर बहुत बढ़ जाता है. खाने के बाद शुगर बढ़ना शुरुआत में ही टाइप 2 डायबिटीज के होने का संकेत है.अध्ययन में यह साबित हुआ है कि खाने से पहले बादाम का सेवन टाइप 2 डायबिटीज के होने के जोखिम को न सिर्फ रोक देता है बल्कि जिसे डायबिटीज है उसमें भी डायबिटीज को खत्म करने की क्षमता रखता है. सीधे शब्दों में कहें तो बादाम का सेवन डायबिटीज मरीजों में भी सभी तरह की जटिलताओं से बचा देता है.

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