कम्यूनिटी ट्रांसमिशन का अर्थ हुआ–समुदाय स्तर पर संक्रमण फैलना । किसी अज्ञात संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क के बिना या संक्रमण फैले क्षेत्र में न जाने के बावजूद वायरस का संक्रमण फैलना ही कम्यूनिटी ट्रांसमिशन की अवस्था है । यह वायरस संक्रमण का तीसरा चरण है,जहाँ से संक्रमितों की संख्या अत्यधिक बढ़ती है । पहले चरण में संक्रमण फैले देश से दूसरे देशों में जानेवाले यात्रियों द्वारा वायरस का प्रसार होता है । नेपाल पहले चरण से आगे बढ़ चुका है दूसरे चरण में स्थानीय स्तर में संक्रमण फैलता है । संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से वायरस दूसरे व्यक्ति में प्रवेश करता है । विदेश यात्रा से लौटकर आने वाले व्यक्तियों में दिखने वाला संक्रमण भी दूसरे चरण का संक्रमण है । तीसरे चरण में समुदाय स्तर पर संक्रमण फैलता है । ऐसे संक्रमण का स्रोत जान पाना मुश्किल होता है । कोई भी व्यक्ति कहीं भी संक्रमित हो सकता है । यह वायरस अनियंत्रित रूप से फैलने का संकेत है । विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्लूएचओ) का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले सभी व्यक्तियों का परीक्षण और उपचार अगर किया जाए तो वायरस को समुदाय स्तर पर फैलने से रोका जा सकता है । इसीलिए कंटेक्ट ट्रेसिंग पर जोर दिया जाता है ।
