भारत सरकार ने 21 फरवरी को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए नेपाल को सुरक्षा उपकरण सौंप दिए हैं।

वित्त मंत्रालय में एक कार्यक्रम में भारत सरकार ने दंगा नियंत्रण उपकरण और विभिन्न वाहन सौंपे।

कार्यक्रम में वित्त मंत्री खनल ने कहा कि चुनाव के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान नहीं होने पर भारत की सहायता नेपाल की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी.

भारत को नेपाल का ‘प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता’ बताते हुए मंत्री खनाल ने 2015 के विनाशकारी भूकंप के दौरान भारत द्वारा दिखाई गई सतर्कता को याद किया.

लोगों के आंदोलन के दौरान नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के कई वाहनों के क्षतिग्रस्त होने को लेकर माना जा रहा है कि इन नये वाहनों से सुरक्षा एजेंसियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी.

वित्त मंत्री के मुताबिक, अगर सरकार को ये सामग्रियां खुद खरीदनी पड़ती तो राज्य पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ता. जिसे भारतीय समर्थन ने कम कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘नेपाल में संकट आने पर भारत हमेशा सबसे पहले मददगार बनकर खड़ा रहा है, चाहे वह भूकंप के दौरान हो या अब चुनाव की पूर्वसंध्या पर.’

एक भारतीय अधिकारी ने बताया कि वित्त मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में 650 में से 250 गाड़ियां उपलब्ध करा दी गईं और बाकी अगले हफ्ते के भीतर उपलब्ध करा दी जाएंगी.

कार्यक्रम में वित्त मंत्री रामेश्वर खनाल ने कहा कि चुनाव के लिए भारत सरकार की ओर से दान में दिये गये वाहनों को स्वीकार कर लिया गया है.