हमारे पूर्वजाें ने सालाें पहले ही इस बात पर जोर दिया था कि तांबे के बरतन में पानी रख कर पीने से सेहत को लाभ होता है । आज पाश्चात्य देशाें में भी इस बात को माना जाने लगा है । अमेरिका की जानी–मानी आयुर्वेदाचार्य के अनुसार तांबे, यानी कॉपर के बरतन में पानी रख कर पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलने में मदद मिलती है, पाचन–शक्ति ठीक होती है और रोगाें से लड़ने के लिए हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होता है । इसके लिए तांबा शुद्ध होना चाहिए । इससे न केवल आपकी प्यास मिटती है, शरीर हाइड्रोट होता है, बल्कि शरीर को ट्रेस मिनरल्स भी मिलते हैं । टे«ेस मिनर उन्हें कहते हैं, जिनकी जरूरत शरीर को कम मात्रा में होती है । तांबेवाला पानी शरीर में पहुँचे टॉक्सिन को बाहर तो निकालता ही है, यह शरीर के अंदरूनी तंत्र को पहले जैसी अवस्था में लाने में भी सहयोग देता है । इसका पूरा फयदा लेने के लिए रात को तांबे के बरतन में पानी भर कर रख दें, ताकि राभ भर में मिनरल का कुछ अंश घुल कर पानी में मिल जाए । सुबह उठ कर वह पानी पिएँ । इससे किडनियाें की सक्रियता को बढ़ावा भी मिलता है । खाली पेट पीने से वह पेट की अंतडि़याें में जल्दी जज्ब हो जाता हे । आयुर्वेद बताता है कि संपूर्ण स्वस्थ्य के लिए तांबा आवश्यक है, यह बहुत से एंजाइम का मूल अंश भी हो सकता है । यदि यह आपको माफिक नहीं आ रहा तो आपको उल्टी या जी मिचलाना भी हो सकता है, इसका ध्यान रखें ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *