के इतिहास में यह तीसरा सबसे बड़ा विभाजन है।  दिलचस्प बात यह है कि शेर बहादुर देउबा को तीन में से दो डिवीजनों के मुख्य किरदार के रूप में देखा जाता है।                                                                                                                                                     2059 में उन्होंने अपने द्वारा बुलाई गई बैठक को एक सम्मेलन में बदल कर कांग्रेस को विभाजित कर दिया। इस बार विशेष अधिवेशन का नेतृत्व करने वाले महामन्त्री एवं संयुक्त महामन्त्री पर कार्यवाही करते हुए विभाजन लागू किया गया। कांग्रेस के आठ दशक लंबे इतिहास में कई छोटे-छोटे विभाजन हुए हैं। कई व्यक्तिगत हैं । और छोटी-मोटी फूट से पार्टी को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ ।  लेकिन तीन बड़े विभाग हैं जिनका गहरा असर है ।