अमेरिका के शिकागो विश्वविद्यालय के इनर्जी पोलिस इन्स्टिच्यूट के एक अध्ययन प्रतिवेदन में के अनुसार पड़ोसी देश भारत के ४८ करोड़ व्यक्ति सबसे अधिक प्रदुषित वातावरण में जीने के लिए बाध्य हैं । विश्व के अन्य स्थानों की तुलना में भारत के उत्तरी क्षेत्र के निवासी १० गुणा ज्यादा प्रदूषित वातावरण में साँस लेने के लिए बाध्य हैं जिसकी वजह से उनकी आयु दस वर्ष घट गई है ।
इस प्रतिवेदन में कहा गया है कि भारत के उत्तरी क्षेत्र से प्रदूषण महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में विस्तारित हो रहा है । अतः मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के निवासियों की आयु दो से तीन वर्ष कम हो गया है ।विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंड के अनुसार वायु तुलना में पीएम २.५ के स्तर १० माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर होगा तो भारत की राजधानी नई दिल्ली के निवासियों की आयु १० वर्ष बढ़ सकेगा । सन् २०१९ में भारत का पीएम २.५ का स्तर ७०.३ माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रहा था । यह विश्व के अन्य देशों कप् तुलना में सबसे ज्यादा प्रदूषण है । इसी तरह विश्व के एक चौथाई जनसंख्या निवास करने वाले बंगलादेश,भारत, नेपाल और पाकिस्तान विश्व के सबसे ज्यादा प्रदूषित पाँच प्रम्ख राष्ट्रों की सूची में शामिल रहने की जानकारी प्रतिवेदन में दी गई

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