नेपाल पुलिस द्वारा जारी किए गए तथ्यांक अनुसार देशभर में हत्या, बलात्कार तथा घरेलू हिंसा की घटनाओं में वृद्धि हुई है । सावन महीने में सार्वजनिक किए गए तथ्यांक अनुसार पिछले चार वर्षों में जान से मारने, जबरदस्ती बलात्कार,अपहरण तथा आत्महत्या की घटनाओं में १८ से लेकर २५ प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है ।
पुलिस तथ्यांक के अनुसार २०७३÷७४ में १२३ , २०७४÷७५ में ११६ , २०७५÷७६ में १२० और २०७६÷७७ में १२ व्यक्तियों की हत्या हुई है । पुलिस तथ्यांक के अनुसार पिछले चार वर्षों के पुलिस तथ्यांक के अनुसार चैत्र में ७५, वैशाख में ५४, जेठ में ४९ और आषाढ़ में २५ व्यक्तियों की हत्या हुई है । गोली मारकर, मार–पीटकर,बंधक बनाकर,पानी में डुबाकर,जहर खिलाकर, गले में रस्सी बाँध लटकाकर हत्याएँ होने की जानकारी पुलिस ने दी है । पिछले पाँच वर्र्षों के तथ्यांक को देखें तो हत्या होने में बच्चों की संख्या ज्यादा है । पिछले वर्ष भी हत्या होने वालों में से १८ बच्चे थे । पारिवारिक नाराजगी, लेनदेन तथा बदले की भावना के कारण बच्चों को निशाना बनाकर हत्या जैसे जघन्य कार्य किए जा रहे हैं ।
पुलिस प्रवक्ता वसन्त कुँअर के अनुसार अभिभावक के साथ नाराजगी का बदला लेने के लिए बच्चों को निशाना बनाकर हत्याएँ की जा रही हैं ।
पिछले वैशाख में बारा के एक ही परिवार के दो अबोध बच्चों की हत्या कर दी गयी । कलैया के रंगपुर के नौ वर्षीय उस्मान अन्सारी और सात वर्षीय अमीन अन्सारी का गला रेतकर हत्या करने की पुष्टि पुलिस ने की है । इसी तरह लमजुंग में सात वर्षीय बालक युकेश की हत्या परिवार के सदस्य द्वारा ही आईना तोड़ने के कारण कर दी थी । इसी तरह कैलाली टीकापुर के विवेक की हत्या कर उसको घर के करीब की झाडी में फेंक दिया गया था । ये कुछ प्रतिनिधि घटनाएँ है,ं छोटी उम्र में हत्यारों के निशाना बनकर अपनी जान गँवाने वाले बच्चों की । हत्या का शिकार केवल बच्चें ही नहीं किशोर–किशोरियों को भी बनाया जा रहा है ।
बलात्कार तथा घरेलू हिंसा की घटनाओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है । सावन महीने में सार्वजनिक किए गए तथ्यांक अनुसार आर्थिक वर्ष २०७७÷७८ में बलात्कार विरुद्ध २ हजार ५ सौ ३४ निवेदन दर्ता हुए थे । जबकि इससे पहले वर्ष आर्थिक २०७६÷७७ में २ हजार १ सौ ४४ निवेदन दत्र्ता हुए थे अर्थात् इस वर्ष ३ सौ ९० ज्यादा निवेदन दर्ता हुआ हैं ।
पुलिस तथ्यांक के अनुसार आर्र्थिक वर्ष २०७५÷७६ में २ हजार २ सौ ३० और आर्थिक वर्ष २०७४÷७५ में १ हजार ४ सौ ८० बलात्कार के विरुद्ध निवेदन दिए गए थे । निवेदन के आधार पर चार वर्ष के तथ्यांक अनुसार महिलाओं को हिंसा शिकार बनाने की घटनाएँ बढ़ रही है ।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार चार वर्षों में बलात्कार की घटनाओं में १८ दशमलव १९ प्रतिशत की वृद्धि हुई है । अधिकांश बलात्कार की घटनाओं में परिवार और पहचान के व्यक्तियों की सलंग्नता देखी गई है । पुलिस के अनुसार प्रतिदिन बलात्कार संबंधी औसत सात घटनाओं को लेकर निवेदन दर्ता कराए जाते हैं ।
बलात्कार से पीडि़तों में से १० वर्ष से नीचे के ११.९८ प्रतिशत,११से १८ वर्ष वर्ष के ५३.२४ प्रतिशत और ६० वर्ष से ऊपर के १.४८ प्रतिशत हंै ।
बाल विवाह के ३१.२५ प्रतिशत, बहुविवाह १६ प्रतिशत, जबरदस्ती बलात्कार में ६.९९ प्रतिशत, अप्राकृतिक मैथुन ३३.३३ प्रतिशत, बाल यौन दुराचार २०.२५ प्रतिशत और डायन के आरोप में७९.४१ प्रतिशत निवेदन दर्ता हुए थे । घरेलू हिंसा घटनाओं की संबंधी १४ हजार २ सौ ३२ निवेदन दर्ता हुई थी । जबकि आर्थिक वर्ष २०७६÷७७ में घरेलू हिंसा संबंधी कुल ११ हजार ७ सौ ३८ निवेदन दर्ता हुए थे ।
पुलिस तथ्यांक के अनुसार बैकिंग संबंधी अपराध २८.२९,मानव खरीद–बिक्री २५.६ ,चोरी २.८२ , साइबर अपराध ११.११ और संगठित अपराध ४६.१ प्रतिशत बढ़े है ।
