रिपोर्ट के मुताबिक, मछली खाने वाले भारतीयों की संख्या 66% से बढ़कर 72.1% हो गई है. यानी प्रतिशत में देखा जाए तो लगभग 6.1 फीसदी की वृद्धि हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की कुल आबादी 134 करोड़ है जिनमें से 96.6 करोड़ लोग मछली खाते हैं. वहींमछली खाने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी की बात करें तो लगभग 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 2005-2006 की रिपोर्ट में मछली खाने वाले लोगों की संख्या  लगभग 73 करोड़ बताई गई थी. जो वर्तमान में बढ़कर 96 करोड़ हो चुकी है. 

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि साल 2019-20 के दौरान 5.95 प्रतिशत लोगों ने  प्रतिदिन मछली का सेवन किया. वहीं, 34.8 प्रतिशत लोगों ने सप्ताह में कम से कम एक बार और 31.35 प्रतिशत लोगों ने कभीकभार ही मछली का सेवन किया. राज्यवार .. तुलना की जाए तो त्रिपुरा में मछली खाने वाले लोगों की संख्या सबसे अधिक (99.35 प्रतिशत) है. जबकि हरियाणा में सबसे कम (20.55 प्रतिशत) है. 

रिपोर्ट के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में साप्ताहिक मछली खपत का अनुपात ज्यादा है. शहरी क्षेत्रों में यह अनुपात जहां 42.7 प्रतिशत है. . इसकी तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में यह अनुपात 39.8 प्रतिशत है. हालांकि, शहरी क्षेत्रों की तुलना में 

ग्रामीण क्षेत्रों में मछली की खपत अधिक तेजी से बढ़ी है. 

वहीं, अन्य नॉन-वेज खाद्य पदार्थों की बात करें तो अंडा खाने वाले लोगों की संख्या में 7.35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. जबकि चिकन या मांस खानवाले लोगों की संख्या में 7.35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. जबकि चिकन या मांस खाने वाले लोगों की संख्या में 5.45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.