मेनोपॉज के बाद ओवेरियन कैंसर का रिस्क अधिक होता है। इसके होने पर पेट दर्द, पेल्विक एरिया में दर्द जैसे लक्षण नजर आते हैं। जानते हैं इसके पीछे क्या कारण हैं और इसका इलाज कैसे किया जाता है ओवरी महिलाओं के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन में से एक है। इसकी मदद से महिलाओं के शरीर में हार्मोन रेगुलेट होते हैं। अगर ओवरी में दिक्कत आ जाती है, तो महिलाओं के पीरियड्स भी प्रभावित होने लगते हैं। यही कारण है कि ज्यादातर लोग ओवेरियन कैंसर को यंग उम्र की महिलाओं से जोड़कर देखते हैं। शायद आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मेनोपॉज के बाद भी महिलाओं को ओवेरियन कैंसर हो सकता है।
मेनोपॉज के बाद ओवेरियन कैंसर के लक्षण-
मेनोपॉज के बाद ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे-
- महिलाओं को अक्सर पेल्विक एरिया या पेट के निचले हिस्से में दर्द बना रहता है। कभी-कभी यह दर्द तीव्र हो जाता है।
- पेट में ब्लोटिंग या सूजन जैसा महसूस होना भी मेनोपॉज के बाद ओवेरियन कैंसर का एक लक्षण है।
- मेनोपॉज के बाद ओवेरियन कैंसर होने पर महिला को मल त्याग करने में काफी कठिनाई आने लगती है।
- मेनोपॉज के बाद ओवेरियन कैंसर होने पर महिला को यूरिनरी समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं, जैसे कभी बार-बार पेशाब आना, पेशाब करने के दौरान दर्द महसूस होना और पेशाब करने में तकलीफ होना।
- मेनोपॉज के बाद अगर ओवेरियन सिस्ट ट्विस्ट हो जाए या फट जाए, तो महिला को उल्टी या जी मचलाने की शिकायत भी होने लगती है।
- मेनोपॉज के बाद ओवेरियन कैंसर होने के कारण महिला को असामान्य तरीके से ब्लीडिंग होनी शुरू हो जाती है।
- मेनोपॉज के बाद ओवेरियन कैंसर के कारण न चाहते हुए भी वजन बढ़ने लगता है।
- मेनोपॉज के बाद ओवेरियन कैंसर का इलाज-
- मेनोपॉज के बाद ओवेरियन कैंसर होने पर इसका इलाज मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। अगर सिस्ट बहुत बड़ा हो गया है, दर्द हो रहा और अन्य गंभीर लक्षण नजर आएं, तो तुरंत सर्जरी कर सिस्ट को रिमूव किया जाता है। सर्जरी दो तरह की होती है, लैप्रोस्कोपी और लैप्रोटोमी। इसके अलावा, चूंकि मेनोपॉज के बाद ओवरीज प्रोडक्टिव नहीं रह जाती हैं, वे हार्मोन प्रोड्यूस नहीं करती हैं। ऐसी स्थिति में ओवरीज रिमूव करने की सलाह भी दी जा सकती है।
