भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्षी गठबंधन की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में बहस शुरू हो गई है । कांग्रेस के साथ विपक्षी गठबंधन, भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (भारत) ने मणिपुर में महीनों की सांप्रदायिक हिंसा को लेकर मोदी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है।
मणिपुर को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के सदन में आकर जवाब नहीं देने पर विपक्षी दल ने उन्हें सदन में जवाब देने के लिए मजबूर करने की रणनीति के तहत 26 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया । यदि 50 लोकसभा सांसद हस्ताक्षर करके अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं तो अविश्वास प्रस्ताव को पंजीकृत करने का कानूनी प्रावधान है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने प्रस्ताव पर पंजीकरण के 10 दिन के भीतर चर्चा कराने की शर्त के चलते चर्चा की इजाजत दे दी है ।
मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच करीब तीन महीने से सांप्रदायिक दंगे चल रहे हैं । दंगे सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं । सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है । हजारों लोग शरणार्थी शिविरों में हैं । घटना को लेकर विपक्षी दल ने सरकार को घेरा है । हालांकि, सरकार सदन में इस सवाल का जवाब देने से पीछे हट रही है । कुछ समय पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मणिपुर का दौरा किया था ।
