कोरोना वायरस (कोविड–१९) का संक्रमण विश्वभर में मौत का तांडव मचा रखा है । अब यह सर्वविदित है कि कोरोना वायरस का संक्रमण श्वास–प्रश्वास और एक दूसरे के नजदीकी संपर्क से फैलता है । यह संक्रमण प्रतिदिन प्रयोग करनेवाले मोबाइल, कम्प्यूटर, लैपटॉप और पैसों जैसीे वस्तुओं से एक–दूसरे में फैलने की
पुष्टि डब्लूएचओ ने की है । सामान्यतया ऐसा वायरस करीब छह दिनों तक किसी भी चीज में जीवित रह सकता है जिसकी वजह से संक्रमण का जोखिम और भी ज्यादा है । न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार पैसों में भी सूक्ष्म जीव के बचने और बढ़ने के लिए उपयुक्त वातावरण होने का प्रमाणित हुआ है । डॉक्टरों का कहना है कि कोई भी वायरस पैसा में करीब दो सप्ताह तक जीवित रह सकता है ।


वैसे पैसा में तीन हजार से ज्यादा प्रकार के कीटाणु जैसे–वायरस, बैक्टीरिया, सामान्य कीटाणु आदि देखे गए हंै । विभिन्न कारणों से पैसा में बैक्टीरिया का प्रसार हो सकता है । जैसे–पैसा का जितना ज्यादा प्रयोग होगा उतना ही ज्यादा उसमें बैक्टीरिया हो सकती है । क्योंकि यह दैनिक रूप से सैकड़ों व्यक्तियों के हाथों से आदान–प्रदान होता है । ममोडे गए नोट में बैक्टीरिया के ज्यादा रहने की संभावना रहती है । दैनिक रूप में प्रयोग में आया पैसा मनुष्य के थूक, मल–पिसाब खांसी तथा छींकने से दूषित होता है । पैसा को कीटाणु रहित बनाया जा सकता है । इसके लिए कई तरीके हैं लेकिन यूवीे टेक्नोलॉजी और जर्मि साइड मैथड से पैसे को कीटाणु नाशक बनाने पर उसका मानव शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है । इसलिए प्लाज्मा आयोन टेक्नालॉजी ज्यादा उपयोगी है । संयुक्त राज्य अमेरिका, कोरिया, सिंगापुर, चीन, भारत, जापान, ऑस्टे«लिया, थाइलैंड, वियतनाम, कंबोडिया, ब्रिटेन, कुबेत और संयुक्त अरब इमिरेट्स आदि देशों में वित्तीय संस्था पैसों में होनेवाले प्राण घातक बैक्टीरिया तथा वायरस को नष्ट कर कीटाणुनाशक बनाने के उपकरण प्रयोग में लाए गए हैं ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व व्यापी फैला कोरोना पैसा के माध्यम से भी व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है । इससे बचने के लिए पैसा छूने के बाद हाथ–मुंह अनिवार्य रूप से धोना चाहिए । बाहर से घर आने पर सैनेटाइजर का प्रयोग अवश्य करें । कोरोना न केवल पैसे से बल्कि प्रतिदिन प्रयोग किए जानेवाले मोबाइल, कम्प्यूटर, लैपटॉप से भी एक– दूसरे व्यक्ति में प्रवेश कर सकता है । इसकी भी पुष्टि डब्लूएचओ ने की है । सामान्यतया ऐसी वस्तुओं में वायरस छह दिनों तक जीवित रह सकता है साथ ही दरवाजों के हैंडिल, रेलिंग, टेबुल, दरवाजों की छिटकीली में भी वायरस कई–कई दिनों तक जीवित रहने की पुष्टि की गई है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *