कोरोना महामारी से लोगों के संक्रमित होने और मरने का क्रम लगातार बढ़ रहा है । स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में भी संक्रमण और भयावह रूप लेगा । इस संबंध में ।।।द पब्लिक’ संपादक वीणा सिन्हा ने डॉ. राम केवल साह से बातचीत की । प्रस्तुत है उक्त बातचीत
का प्रमुख अंश–
काठमांडू घाटी में कोरोना संक्रमण के भयावह होने का कारण
क्या है ?
काठमांडू में सही ढंग से कंटेक्ट टेसिंग का काम नहीं हो रहा है । सबसे दुःखद बात तो यह है कि एक भी क्वारेंटीन भी नहीं है । आइसोलेशन बेड का अभाव है । राजधानी में इतनी अव्यवस्था है । स्वास्थ्य विशेषज्ञों के इस संबंध में दिए जा रहे सुझाव कीे भी जनता
तथा स्वास्थ्य मंत्रालय दोनों ही ओर से अवहेलना हो रही है । कोरोना नियंत्रण में सुरक्षा निकाय तथा प्रशासन को लगाया गया है तो लाजिम
है स्थिति भयावह होगी ही ।
तराई की तुलना में पहाड़ों पर कोरोना संक्रमितों तथा मौतों की
संख्या कम होने का कारण क्या है ?
पहाड़ों में जनसंख्या कम है । घरों के बीच काफी दूरियाँ रहती हैं । लोगों के बीच आना जाना भी कम ही होता है जबकि तराई में जन
घनत्व ज्यादा है । तराई की संस्कृति भी भिन्न है । आपस में मिलकर रहना और जमघट करना लोगों के बीच घुलमिल ज्यादा होने के कारण संक्रमितों की संख्या और मरने वालों की संख्या अधिक है ।
प्रदेश २ कोरोना का हॉट स्पॉट क्यों बना ?
भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से प्रदेश २ काफी
संवेदनशील है । प्रदेश में स्थित सभी आठों जिलाओं की सीमाएँ भारत से जुड़ी हैं ,जो कि खुली हुई भी है । इन सीमाओं से लोगों का आना जाना निरंतर जारी है ,वैसी स्थिति में जबकि भारत में कोरोना की स्थिति भयावह है । इसके अलावा प्रदेश में साधन–सुविधा का भी अभाव है । अस्पतालों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी है । कोरोना रोकथाम के संबंध में केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच उचित समन्वय भी नहीं है । साथ ही जनता में जागरूकता का न होना भी प्रदेश २ में कोरोना के विस्तार के लिए जिम्मेवार है ।
क्या मोटापा और कोरोना के बीच सीधा संबंध है ?
कोरोना तथा मोटापा के बीच सीधा संबंध नहीं है । दीर्घ रोगी जैसे मधुमेह, हृदय रोग तथा उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों में कोरोना के संक्रमण की स्थिति जटिलता ला सकती है और इन रोगों के होने में मोटापा भी एक कारक है । अभी तक जितनी मौतें हुई हैं उसमें से ८० प्रतिशत, ४० से ६० साल के बीच की हुई है और उनमें से अधिकांश मोटापा के शिकार भी नहीं थे ।
सरकार को कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए किन उपायों
को अपनाना चाहिए ?
सरकार के द्वारा पीसीआर करने की संख्या बढ़ानी होगी । लक्षण वाले संक्रमितों को अस्पताल में रखकर इलाज करवाना चाहिए । घर में संक्रमितों को न रखें, क्वारेंटीन की व्यवस्था भी करे । वैसे सिर्फ सरकार की आलोचना करने से समस्या नियंत्रित नहीं होगा । सभी के सामूहिक प्रयास से ही कोरोना पर नियंत्रण हो सकेगा ।
