हिंदी मेरी बोली, हिंदी मेरी माँ की बोली
मेरी माँ की बोली, मीठी मीठी सी बोली
जैसे मुँह में मिसरी सी घोली
जैसे–अम्बुआ की डार कोयलिया
कुहुक कुहुक बोली और डोली
हिंदी मेरी बोली, हिंदी मेरी माँ की बोली
मेरी माँ की बोली, मीठी मीठी सी बोली
माँ की मीठी मीठी बोली का करें हम मान
भारत माँ के माथे की बिन्दी, मेरी हिंदी
भारत माँ की है आन बान और शान
हिन्दी से जग में है हमारी पहचान
बूँद बूँद से भरे घड़ा, बूँद बोली बूँद से
चलो इक साथ चलें ,चलो इक साथ चलें
बन हिंदी के बादल हर घर आँगन में बरसें हम
हिंदी तुलसी का पौधा हर आँगन में सींचे हम
हिंदी हमारी भाषा, हिंदी हमारी अभिलाषा
जन जन के मन की पूरी हो यह आशा
आओ हम सब मिल हिंदी दिवस मनाएँ
हिंदी का ध्वज फहराएँ, हिंदी की ज्योत जलाएँ
हिंदी मेरी बोली, हिंदी मेरी माँ की बोली
मेरी माँ की बोली, मीठी मीठी सी बोली
