विश्व प्रसिद्ध विज्ञान जर्नल “नेचर” के जुलाई के ७८१८ वें अंक में इन्साइक्लोपीडिया ऑफ डीएनए इलिमेन्ट्स(इन्कोड) प्रोजेक्ट अन्तर्गत प्रकाशित लेख का नेपाल से महत्त्वपूर्ण संबंध है । अमेरिका स्थित जोन हप्किन्स विश्वविद्यालय में अध्ययनरत नेपाली युवा वैज्ञानिक डॉ. सूर्यबहादुर क्षत्री का सहलेखन तथा अनुसंधान किया गया दो अनुसंधानात्मक लेख प्रकाशित हुए हैं । प्रकाशित एक लेख में मानव कोशिका में रहने वाले २०८ अति आवश्यक डीएनए संबंधित प्रोटीनों के कार्य नक्शा करने के साथ ही मानव कोषों के कार्य करने की शैली के बारे में जानकारी दी गई है । जबकि दूसरे लेख में मानव में रहे आनुवंशिक गुणों से संबंधित “जेनेटिक स्विच ” के बारे में ज्ञान विस्तार तथा नये विश्लेषण का उल्लेख है । डॉ. क्षत्री सहित विश्व के दर्जनों वैज्ञानिकों के सहकार्य में किए गए इस अनुसंधान में पता लगा है कि २०८ डीएनए संबंधित प्रोटीनों के कार्य नक्शा से कौन—सा जीन कैसी समस्या उत्पन्न करता है ,जानने का मार्ग प्रशस्त हुआ है । डॉ. क्षत्री के अनुसार मानव कोश में कुल २० से २५ हजार ज्ञात प्रोटीन रहते हैं जिसमें से एक समय में कुछ ही सक्रिय होते हैं जोकि कोश की पहचान और कार्य विशिष्टता के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण भूमिका खेलते हैं । किसी भी जीन तथा जीन नियमन
करने वाली प्रणाली में समस्या आने पर उस कोश की विशेषता खोने अथवा कोश कैंसर में परिणत होने के साथ—साथ विभिन्न विकार तथा अन्य प्रकार के रोग
की भी आमंत्रित करता है । मनुष्य में देखे जाने वाले विभिन्न जटिल रोगों के अनेक कारकों में एक प्रमुख कारक जीन में होने वाला परिवर्तन भी है । कोश में जीन के बिगड़ने या जीन के नियमन प्रक्रिया में समस्या आए तो रोग लगता है । कोई समस्या सामान्य होती है तो किसी में जटिल लक्षण देखने को मिलता है । किस जीन की भूमिका बीमारी उत्पन्न करने में कैसी और कितनी रहती है ,उसका अध्ययन जारी है ।

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