न केवल प्रांत 1 के तराई में बल्कि पहाड़ी जिलों में भी डेंगू का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। जिले के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि तराई जिले से ज्यादा लोग पहाड़ों में संक्रमित हैं। सूबे के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सूबे के सभी 14 जिलों में संक्रमित लोग मिले हैं । पहाड़ी जिले तेहराथुम में सबसे ज्यादा 88 संक्रमितों की पुष्टि हुई है। उच्च जनसंख्या घनत्व वाले मंगलुंग और फेडाप में डेंगू के मरीज अधिक हैं। संखुवासभा में 57, भोजपुर में 15, झापा में 12, मोरंग में 11, ओखलधुंगा में 10, सुनसारी और खोतांग में 6-6, इलम में 5, धनकुटा में 4, उदयपुर में 3, सोलुखुंबु में 2 लोगों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है । तपलेजंग और पंचथर में 1-1।मैदानी इलाकों की तुलना में पहाड़ों में डेंगू के अधिक मरीज मिलना आम बात नहीं है। इससे पहले तराई में डेंगू के कई मरीज मिले थे। जैसे-जैसे पहाड़ों में तापमान बढ़ता है, डेंगू फैलाने वाला मच्छर अनुकूल वातावरण बन जाता है और अधिक संक्रमित लोग मिल जाते हैं । बागमती प्रांत के अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। राज्य के 13 जिलों में से सिर्फ रासुवा में ही डेंगू का संक्रमण नहीं पाया गया है। बागमती सबसे ज्यादा ललितपुर में संक्रमित है।संक्रमितों में ज्यादातर बच्चे हैं। संक्रमण के कारण बड़ी संख्या में बच्चे और बुजुर्ग अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने कहा कि यह खतरे का संकेत है कि न केवल तराई जिले में बल्कि पहाड़ी जिलों में भी इसका संक्रमण बढ़ रहा है । स्वास्थ्य कार्यालय बैताड़ी के अनुसार, हाल के दिनों में स्क्रब टाइफस और डेंगू के मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
