दाहाल के करीब पांच दशक लंबे राजनीतिक जीवन में सीता न सिर्फ उनकी जीवनसंगिनी रहीं, बल्कि हर मुश्किल घड़ी में उनकी मुख्य विश्वासपात्र भी रहीं।प्रधानमंत्री और माओवादी अध्यक्ष पुष्प कमल दाहाल ने अपनी पत्नी सीता को अंतिम विदाई दी । प्रधानमंत्री की पत्नी सीता का बुधवार सुबह 69 साल की उम्र में थापथली के नारविक अस्पताल में निधन हो गया। वह दुर्लभ बीमारी पार्किंसंस से पीड़ित थीं । उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए नारविक से पार्टी कार्यालय पेरिसडांडा ले जाया गया । बुधवार को पशुपति आर्यघाट पर राष्ट्रीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया । उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पूर्ण बहादुर खड़का ने नेपाल का झंडा पहनकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।सीता की पहचान माओवादी केंद्रीय सलाहकार और प्रधानमंत्री दाहाल की पत्नी के रूप में की जाती है। वह सांसद, मंत्री या किसी अन्य सरकारी भूमिका में नहीं हैं । तीसरी बार प्रधानमंत्री बने दहल ने कुछ कर दिखाने की ठानी है । जब वह प्रधान मंत्री बनीं, तो सीता अर्ध-चेतन अवस्था में थीं ।
पशुपति आर्यघाट पर प्रधानमंत्री दाहाल, बेटियों रेनू और गंगा ने सीता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी । शीर्ष सरकारी अधिकारियों, पार्टी नेताओं, राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधियों और सैकड़ों नागरिकों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी ।

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