जल और मौसम विज्ञान विभाग ने प्रारंभिक निष्कर्ष निकाला है कि रसुवा में नेपाल-चीन सीमा पर ल्हेन्डे नदी में पिछले मंगलवार की सुबह हिमताल विस्फोट के कारण बाढ़ आई थी।

विभाग द्वारा ‘सेंटिनल’ सैटेलाइट के जरिए किए गए अध्ययन के मुताबिक, बर्फ की झील के फटने से बाढ़ की स्थिति पैदा हुई. विभाग के बाढ़ विशेषज्ञ विनोद पराजुली ने बताया कि शुरुआत में अनुमान लगाया गया था कि बाढ़ ‘सुप्राग्लेशियल’ झील के फटने से आई है.

रसुवागढ़ी में नेपाल-चीन सीमा से लगभग 36 किमी ऊपर (अक्षांश: 28.4043, देशांतर: 85.6469, समुद्र तल से लगभग 5150 मीटर) लहंडे नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में स्थित है।

बा ऐसा प्रतीत होता है कि ग्लेशियर के मध्य क्षेत्र में विकसित सुप्राग्लेशियल झील (हिमताल) लगभग 0.75 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है।” उन्होंने कहा, ‘उक्त हिमताल का क्षेत्रफल लगभग 0.60 वर्ग किलोमीटर ही है।

इसमें दिखाया गया है कि घटना से पहले और बाद में झील का क्षेत्र बदल गया है. अध्ययन से पता चला कि उस दौरान झील से पानी निकाला ‘गया था और इसका असर झील के नीचे के क्षेत्र में महसूस किया गया था।