वश
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि कुछ मनुष्य ऐसे होते हैं जो बिना किसी युक्ति के वश में नहीं आते, यहां ऐसे मनुष्यों को वश में करने के कुछ वशीकरण यंत्र आचार्य बताते हैं वे कहते हैं कि लोभी पुरुष को धन का प्रलोभन देकर अपने वश में करना चाहिए । हठी पुरुष के आगे नतमस्तक होकर उसके अहम्
(इगो)की संतुष्टि करनी चाहिए । अर्थात उसे विनय से अपने वश में करना चाहिए । मूर्ख पुरुष को उसके मन के अभिप्राय को जानकर और उसके अनुकूल धन चाहता है तो धन देकर, चाटुकारिता चाहता है तो खुशामद करके ,आदि व्यवहार करके उसे अपने वश में करना चाहिए । विद्वान पुरुष को स्थिति की जानकारी देकर अपने अनुकूल बनाना चाहिए ।

ज्ञान
सच तो यह है कि विश्वविद्यालय न जितने सार्टिफिकेट दिए, अज्ञान उतना ही बढ़ा, कम नहीं हुआ । कारण यह है कि विश्वविद्यालय के सार्टिफिकेट को लोग ज्ञान समझने लगे । अज्ञानी आदमी के पास सार्टिफिकेट नहीं होता, वह ज्ञान की खोज करता है । तथाकित ज्ञानी के पास सार्टिफिकेट होता है, वह मान लेता है कि मैं ज्ञानी हूं । मेरे पास विश्वविद्यालय की डिग्री है,और क्या चाहिए ?