गर्मियां आते ही सबसे पहले याद आता है फ्रिज का ठंडा पानी । लेकिन वो पानी गले को तो आराम देता है पर सेहत को बिगाड़ देता है । पुराने समय में लोग घड़े या सुराही का इस्तेमाल करते थे और आज की जेन जी पीढ़ी भी अब वापस अपनी जड़ों की तरफ लौट रही है । अगर आप कंफ्यूज हैं कि इस गर्मी में अपनी टेबल पर क्या रखें, एक बड़ा सा मटका या फिर एक सुंदर सी सुराही, तो यह ब्ला‘ग आपके सारे डाउट दूर कर देगा । सुराही सिर्फ दिखने में ही कूल नहीं है, बल्कि इसके फायदे जानकर आप हैरान रह जायेंगे ।
अगर आप भी गर्मी के मौसम में नया मटका लाने की सोच रहे हैं, तो रुक जाईए । आप इस बार आम मटके की जगह सुराही खरीद सकते हैं । यह पानी को फ्रिज जैसा ठंडा रख सकती है और इससे सेहत से जुड़े भी कई फायदे हैं ।
सुराही का सबसे बड़ा गुण यह है कि यह पानी को कुदरती तरीके से ठंडा करती है । जब आप सुराही में पानी रखते हैं, तो इसके छोटे छोटे छेदों से पानी धीरे धीरे बाहर की तरफ रिसता है और हवा के संपर्क में आकर भाप बनता है । इस प्रोसेस को इवैपोरेशन कहते हैं और इसी वजह से सुराही का पानी किसी चिल्ड कोल्ड ड्रिंक से भी ज्यादा सुकून देने वाला होता है ।
फ्रिज से कैसे बेहतर है मिट्टी की सुराही
रिसर्च गेट में छपी की स्टडी के अनुसार मिट्टी का मटका या सुराही सेहत के लिए फ्रिज से कहीं ज्यादा फायदेमंद है । फ्रिज का पानी अक्सर बहुत ज्यादा एसिडिक होता है, लेकिन सुराही मिट्टी की बनी होती है जो कि स्वभाव से क्षारीय यानी एल्कलाइन होती है । जब आप इसमें पानी रखते हैं, तो यह पानी के एसिड के साथ मिलकर उसे न्यूट्रल बना देती है । इससे आपको एसिडिटी और पेट की समस्याओं से राहत मिलती है । साथ ही सोंधी सोंधी मिट्टी की महक आपके मूड को एकदम फ्रेश कर देती है ।
मटके से बेहतर क्यों है सुराही
मटका और सुराही दोनों मिट्टी के ही बने होते हैं, लेकिन सुराही बाजी मार लेती है । इसका सबसे बड़ा कारण इसकी बनावट है । सुराही की गर्दन लंबी और पतली होती है, जबकि नीचे का हिस्सा गोल होता है । इस डिजाइन की वजह से सुराही के अंदर का पानी मटके के मुकाबले ज्यादा देर तक ठंडा बना रहता है ।
ज्यादा कूलिंग इफेक्ट
सुराही की बाहरी सतह मटके की तुलना में पानी को ज्यादा तेजी से ठंडा करने में मदद करती है । मटके का मुंह चौड़ा होता है जिससे बार बार ढक्कन खोलने पर बाहर की गर्म हवा अंदर चली जाती है, लेकिन सुराही का मुंह छोटा होने के कारण इसकी कूलिंग बनी रहती है ।
धूल मिट्टी से बचाव
मटके का मुंह बड़ा होने की वजह से उसमें धूल जाने का खतरा ज्यादा रहता है । सुराही का मुंह छोटा होता है, इसलिए इसमें कचरा जाने की गुंजाइश कम होती है । यह हाइजीन के लिहाज से भी काफी बेहतर अ‘ाप्शन है ।
जगह की बचत और लुक
सुराही दिखने में बहुत क्लासिक और विंटेज लगती है. आप इसे अपनी अ‘ाफिस टेबल या बेडरूम के कोने में आराम से रख सकते हैं. यह मटके की तरह ज्यादा जगह नहीं घेरती और घर की सजावट में भी चार चांद लगा देती है । सुराही को साफ कैसे करें । बहुत से लोग सुराही सिर्फ इसलिए नहीं खरीदते क्योंकि उन्हें लगता है कि इसकी लंबी गर्दन की वजह से इसे साफ करना नामुमकिन है । लेकिन यकीन मानिये, इसे साफ करना उतना भी मुश्किल नहीं है जितना दिखता है ।
सुराही की सफाई के लिए कुछ आसान टिप्स
सेंधा नमक और नींबू का इस्तेमाल ः सुराही के अंदर थोड़ा सा सेंधा नमक और नींबू का रस डालें । अब इसमें थोड़ा गुनगुना पानी भरें और इसे अच्छे से हिलायें । नमक रगड़ का काम करेगा और नींबू अंदर जमी काई या गंदगी को काट देगा ।
चावल के दानों का जादू ः अगर सुराही अंदर से ज्यादा गंदी लग रही है, तो मुट्ठी भर कच्चे चावल सुराही में डालें और थोड़ा पानी डालकर उसे जोर जोर से हिलायें । चावल के दाने ब्रश की तरह काम करेंगे और कोनों की गंदगी साफ कर देंगे ।
सा‘फ्ट ब्रश का उपयोग ः मार्केट में आजकल पतली गर्दन वाली बोतलों को साफ करने वाले ब्रश मिलते हैं । आप उनका इस्तेमाल भी कर सकते हैं । बस ध्यान रहे कि कभी भी साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें, क्योंकि मिट्टी साबुन को सोख लेती है ।
सुराही इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
हमेशा नई सुराही को इस्तेमाल करने से पहले कम से कम २४ घंटे के लिए पानी में डुबोकर रखें । इससे मिट्टी पूरी तरह सेट हो जाती है और पानी ज्यादा ठंडा होता है । हर दूसरे दिन सुराही का पानी बदलें और उसे ताजे पानी से भरें । पुरानी सुराही को धूप में सुखाने से उसके बंद छेद फिर से खुल जाते हैं और वह फिर से नया जैसा काम करने लगती है ।

