मुफ्त की चीजों का अपना ही लुत्फ होता है । अगर बिना पैसे खर्च किए कुछ मिल जाए, तो भला इससे अच्छा क्या होगा, पर मुफ्त के चक्कर में अक्सर लोगों को लेने के देने पड़ जाते हैं और यही हाल मुफ्त की सलाह माननेवालों का भी होता है । तो आप भी इन मुफ्त के सलाहकारों से सावधान रहें और सोच–समझकर अपने फैसले खुद लें ।
सलाहकारों की किस्में
इस दुनिया में हर किस्म के लोग होते हैं । हर फील्ड में भी हर किस्म के लोग पाए जाते हैं, तो भला ऐसा कैसे हो सकता है कि मुफ्त के सलाहकारों की किस्में न हों । यकीन मानिए इन्हें आप भी जानते हैं । बस, कभी गौर नहीं किया ।
मुफ्त के डॉक्टर
शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द हो, आपको बस बोलने भर की देर है । हर दूसरा व्यक्ति खुद पर आजमाया हुआ बेहतरीन नुस्खा आपको बताएगा । इन्हें ही हम मुफ्त के डॉक्टर कहते हैं, जिसका थोड़ा–बहुत अंश अमूमन हर किसी में पाया जाता है । शायद आप में भी वो आदत हो, पर आप जानते हैं कि ऐसा आप दूसरों की भलाई के लिए करते हैं, जो बिल्कुल भी गलत नहीं ।
सावधान ः सेहत बहुत ही गंभीर मामला है । बिना सही जानकारी के किसी तकलीफ के लिए किसी को मुफ्त सलाह देना किसी के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है । किसी भी तरह की तकलीफ में एक्सपर्ट डॉक्टर से ही संपर्क करें ।
मुफ्त के रिलेशनशिप एक्सपर्ट
शादी के बाद पति को मुट्ठी में रखना है….सास–ससुर की बहुत ज्यादा जी–हुजूरी न करना……..ननद और जेठानी से खुद को आगे रखना………से लेकर पति–पत्नी का रिश्ता कैसा होना चाहिए, उन्हें बच्चे कब पैदा करने चाहिए….जैसे विषयों पर अक्सर लोग सलाह देते रहते हैं ।
सावधान ः जिस तरह हर व्यक्ति अलग होता है, उसी तरह हर घर–परिवार का माहौल भी अलग होता है । जरूरी नहीं, जो बातें एक घर में होती हों, वो दूसरे घरों में भी हों । इसलिए किसी को कोई भी सलाह देने से पहले सोच–विचार लें और अपने करीबी और विश्वासपात्र को ही इन विषयों पर सलाह दें ।

मुफ्त के लव गुरु
आज के जमाने में आपको मुफ्त के लव गुरु बहुत मिल जाएंगे, जिनका काम ही है प्यार करनेवालों को मुफ्त सलाह बांटना ।
सावधान ः हो सकता है कि किसी के बताए गुरु मंत्रों से एक बार आप किसी का दिल जीत लें, पर आपका प्यार अगर सच्चा नहीं, तो टिक नहीं पाएगा । रोमियो–मजनू बनने के चक्कर में बहुत से यंगस्टर्स पढ़ाई–लिखाई, करियर, रिश्ते–नाते सब दांव पर लगा देते हैं, जो कहीं से भी सही नहीं ।
मुफ्त के करियर काउंसलर्स
कहते हैं, हमें वह काम करना चाहिए, जिसमें हमारा पैशन हो, पर आजकल ज्यादातर लोग हमें यही सलाह देते हैं कि काम वो करना चाहिए, जिसमें पैकेज अच्छा मिलता है । मुफ्त की सलाह देनेवाले ये करियर काउंसलर्स कोर्स आदि की अच्छी जानकारी रखते हैं और दूसरे से उसे बांटने का शोक भी रखते हैं ।
सावधान ः करियर से हमारी रोजी–रोटी ही नहीं, हमारा पैशन भी जुड़ा होता है । इसलिए करियर का चुनाव किसी के भी पसंद और पैशन के अनुसार होना चाहिए । कोई भी करियर चुनने से पहले किसी प्रोफेशनल की सलाह लें ।
मुफ्त के फिटनेस एक्सपर्ट्स
आज की भागदौड़ और तनावभरी जिंदगी में हर कोई हेल्थ और फिटनेस से जूझ रहा है । ऐसे में बहुत से लोग मुफ्त के फिटनेस एक्सपर्ट्स बने फिरते हैं । रोजाना पशुअप किया करो…..क्रंचेज मारा करो……कार्डियो किया करो….. २–४ योगासन किया करो….जैसी सलाह देनेवाले फिटनेस एक्सपर्ट्स बहुत हैं ।
सावधान ः एक्सरसाइज और योग ऐसे विषय हैं, जो हमेशा सही एक्सपर्ट्स की निगरानी में किए जाने चाहिए । इसलिए बिना सोचे–समझे किसी की भी सलाह न मान लें । फिटनेस एक्सपर्ट्स व योगा टीचर्स की सलाह से अपनी बॉडी टाइप और हेल्थ कंडीशन्स को देखकर ही कोई एक्सरसाइज करें ।

मुफ्त के फाइनेंशियल एडवाइजर्स
कम समय में दुगुना फायदा पाओ..बचत स्कीम में इन्वेस्ट करने का सुनहरा मौका पाएं…….फलां प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करें….. जैसी तमाम सलाह देनेवाले हमारे मुफ्त के फाइनेंशियल एडवाइजर्स होते हैं, जो कहीं दूर से नहीं, बल्कि हमारे आस–पड़ोस या रिश्तेदारों में से एक होते हैं ।
सावधान ः प्रोफेशनल फाइनेंशियल एडवाइजर्स हमेशा यही सलाह देते हैं कि कोई भी इन्वेस्टमेंट करने से पहले यह देखें कि वह आपके लिए कितना जरूरी है और उसके अच्छे रिटन्र्स कब तक मिलेंगे, जबकि मुफ्त के फाइनेंशियल एडवाइजर्स अपना टारगेट पूरा करने के चक्कर में ये सलाह देते हैं । शेयर मार्केट और म्यूच्युअल फंड में निवेश रिस्की होता है, बिना सही जानकारी के आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है ।
क्यों देते हैं लोग मुफ्त की सलाह ?

आदत में शुमार ः हमारी ज्यादातर आदतें परवरिश, संगति और माहौल के कारण बन जाती हैं । अपने बड़ों को ऐसा करते देखना या फिर यारी–दोस्ती में एक–दूसरे की मदद करने की आदत ही इसकी वजह है ।
ज्ञान बघारने का शौक ः यह भी काफी देखा जाता है कि लोगों को अपने ज्ञान का प्रदर्शन करने का बहुत शौक होता है । अपने ज्ञान प्रदर्शन के लिए ही ज्यादातर लोग सलाह बांटते हैं ।
सामाजिक दायित्व ः मुफ्त के सलाहकारों के लिए जिम्मेदार कहीं न कहीं हम भी हैं । हम भी अपना रोना हर किसी के सामने लेकर बैठ जाते हैं । ऐसे में हमें उस दुख से उबारना वह अपना सामाजिक दायित्व समझते हैं और उससे उबारने का भरसक प्रयास भी करते हैं ।
भलाई की भावना ः मुफ्त के सलाहकारों से लोग अक्सर चिढ़ते व कतराते हैं, पर इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं कि वो आपका बुरा चाहते हैं । दरअसल, दूसरों की भलाई करने के चक्कर में वो ऐसा कर बैठते हैं । आजकल जहां बिना खर्च किए कुछ भी नहीं मिलता, ऐसे में मुफ्त की सलाह भी लोगों को खास सुहाती नहीं ।
मुफ्त की सलाह के साइड इफेक्ट्स
भले ही हमें ऐसा लगता हो कि मुफ्त की चीज हमेशा फायदेमंद होती है, पर ऐसा है नहीं । इसके भी साइड इफेक्ट्स हैं और कुछ तो बहुत ही गंभीर होते हैं ।
